विटामिन ई के फायदे

Vitamin E
विटामिन ई  हमारे हेल्थ की दृष्टि से बहुत ही फ़ायदेमं है। यह  त्वचा ,बालों के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसमें मौजूद तत्व हमें खूबसूरती प्रदान करते है। इसलिए विटामिन ई युक्त फलो का हमें इस्तेमाल करना चाहिए। बहुत सारे  ऐसे फ्रुट्स और ड्राई फ्रूट्स  है।  जिसमे प्रचुर मात्रा में विटामिन ई  पाया जाता है। विटामीन ई  हमारे त्वचा को सुरक्षा प्रदान करते है। यह मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाता है।जब भी सेवन करे डाक्टर से सलाह जरूर ले। चेहरे पर द्दाग धब्बे है। तो  इसका इस्तेमाल कर सकते है।यह त्वचा पर निखार लाने  का कार्य करता है.,इसके साथ यह बहुत ही बढ़िया एंटीऑक्सीडैंट का कार्य भी करता है। जो शरीर के प्रतिरोधक  छमता को बढ़ाता  है। यह स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिन है। इसका निश्चित रूप से सेवन करना चाहिए। इसके सेवन करने से विटामिन ई  की कमी से होने वाले रोगो से बचा जा सकता है।

त्वचा की सफाई -
यह त्वचा की सफाई करता है अगर आपके चेहरे की चमक ख़त्म हो गया है तो विटामिन ई का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिये  वीटामिन ई के कैप्सूल का इस्तेमाल कर सकते  है। ऐसा करने से  आप को लाभ मिलेगा। कुछ दिन तक इसको चेहरे पर लगाने से फर्क महसूस होने लगेगा।  इसको जैतुन् के तेल के साथ मिलाकर लगा सकते है।
यह विटामिन्स वसा में घुलनशील होता है ।और काफी लंबे समय तक मौजूद रहता है। यह हमारे शरीर में संग्रहीत रहता है ।

चेहरे पर झुर्रिया समाप्त करे- 

चेहरे  पर झुर्रियों के लिए विटामिन ई  का उपयोग लाभदायक है। अगर आपके चेहरे पर झुर्रिया  है तो विटामिन ई का  इस्तेमाल करना चाहिए। सबसे पहले वीटामिन ई  के कैप्सूल का ऑयल निकाल  कर उसको बादाम के आयल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे आपकी झुर्रियां समाप्त हो जायेंगी।

रक्त की कमी में -

 विटामिन ई शरीर में मौजूद रक्त की कमी को पुरा  करता है। रक्त  में मौजुद  लाल रक्त कोशिकाओं  निर्माण करने में मदत करता है। प्रेगनेंसी में महीलाओं के लिए फायदेमंद है।    

अल्जाइमर से बचाए -  

विटामिन ई का उपयोग करने से अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचा  जा सकता है ।अगर विटामिन ई की मात्रा काफी कम हो जाए तो इससे अल्जाइमर ,डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बड़ सकता है।इसलिए समय रहते विटामिन ई का सेवन करना चाहिए ।

बालों से संबंधित समस्या -
  
इसकी कमी से बालों से संबंधित समस्या पैदा हो सकती है आपके बाल टूटने लगते है और समय से पहले झड़ने लगते है इसके अलावा बालों का सफेद होना ,बालों में रूसी आदि की समस्या होना सामिल  है अगर समय रहते विटामिन ई इस्तेमाल करके इस तरह की समस्यायों से बचा जा सकता है ।इसलिए विटामिन ई का  सेवन हमारे लिये बहुत ही जरूरी है ।

आंखो के नीचे काला पन का होना -

विटामिन ई की कमी से हमारे आंखो के नीचे काले पन की समस्या पैदा हो जाती है ।जो विटामिन ई की कमी का प्रमुख कारण है ।जब हमें इस तरह का लक्षण दिखाई दे तो समझ जाइए कि हमारे शरीर में विटामिन ई की कमी है ऐसा प्रायः देखा गया है ।विटामिन ई का कैप्सूल डाक्टर के सलाह के अनुसार लेना चाहिए ।इससे इस तरह की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

अर्थराइटिस जैसे रोगों का होना -

विटामिन ई की कमी से अर्थराइटिस जैसे रोग होने का खतरा बड़ जाता है ।इसका प्रमुख कारण ऑटो  इम्यून सिस्टम का कमजोर हो जाना है इसके कारण कोशिकाएं छतिग्रस्त  होने लगती है जिसके कारण अर्थराइटिस होने की संभावना बड़ जाती है ।इसलिए विटामिन ई का सेवन करके इससे बचा जा सकता है ।

आंखो के लिए फायदेमंद - 

विटामिन ई का सेवन आंखो की रोशनी के लिए फायदेमंद है इसके सेवन से मोतियाबिंद,हल्का दिखाई देना ,इत्यादि रोगों में फायदेमंद साबित हो सकता है ।इस तरह की समस्यायों में इसका सेवन कर सकते है 

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है-

विटामिन ई एक बहुत ही अच्छा एंटीऑक्सिडेंट है जो हमारे शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है ।और शरीर को स्वास्थ्य बनाता है ।हमारे कोशिकाओं के होने वाली छती को रोकता है ।और उसे पुनर्जीवित करने का कार्य करता है ।जब किसी कारण वश हमारी कोशिकाएं छती ग्रस्त होने लगती जिससे शरीर पर कई प्रकार के बुरे असर पड़ सकते है जैसे कि कार्डियो वैस्कुलर या हार्ट , मस्तिष्क,और से बहुत सारे दिक्कतें हो सकती है ।इसलिए विटामिन ई का सेवन हमारे लिए अति आवश्यक है । इसका इस्तेमाल करके इस तरह के समस्याओं से बचा जा सकता है ।

विटामिन ई की कमी से होने वाले रोग -

विटामिन ई की कमी से होने वाले कई ऐसे रोग है ।जिसको लेकर ध्यान देने की जरूरत है ।डायबिटीज भी विटामिन ई की कमी से हो सकता है ।इसके साथ कार्डियेक वैस्कुलर ,हार्ट संबंधित अन्य समस्याएं भी हो सकती है ,शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर हो जाना ,तंत्रिका तंत्र पर भी असर पड़ने लगता है ।यह हमारे शरीर के इम्यूनिट पावर को बढ़ाता है ,ऐसा बहुत सारी समस्याएं जिसका प्रमुख कारण विटामिन ई की कमी हो सकती है ।इसलिए विटामिन ई सेवन करना चाहिए ।विटामिन ई शारीरिक आंतरिक शक्ति को बढ़ाने का कार्य भी करता है ।यह उम्र के प्रभाव को कम करने मे  भी सहायता करता है ।

विटामिन ई के प्रमुख स्रोत पाए जाते  -

विटामिन ई के प्रमुख स्रोत निम्न प्रकार से है ।इनमें प्रमुख रूप से बादाम ,अखरोट ,मूंगफली ,और सूरज मुखी के बीज ,गेहूं ,मक्का,चावल और हरी पत्ते दार सब्जियां है इसके अलावा आप विटामिन ई की कैप्सूल भी ले  सकते है ।लेकिन नैचुरल तरीके से लेना फायदे मंद साबित हो सकता  है क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए सुरक्षित और बढ़िया है आप नैचुरल तरीके से विटामिन ई की पूर्ति अपने शरीर और स्वास्थ्य के लिए कर सकत है

विटामिन  ई से होने वाले नुकसान -

विटामिन ई की अधिकता भी हानिकारक हो सकता है जब भी विटामिन ई  का कैप्सूल ले तो डाक्टर की सलाह जरूर लें ।विटामिन ई ज्यादा होने पर खून में पतला पन हो सकता है ,चक्कर की सिकायत भी हो सकती है ,
इसलिए विटामिन ई का ओवर डोज नहीं लेना चाहिए क्योंकि इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर बुरा पड़ता है 
विटामिन ई वसा में घुलनशील होता है और धीरे धीरे जमा होने लगत है और इसकी अधिकता हो सकती है  ।इसको खाद्य पदार्थ के माध्यम से हासिल करना सही रहता है ।



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