विटामिन  हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है यह हमारे शरीर के विकाश के लिए अति महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है. प्रत्येक विटामिन का हमारे शरीर में बहुत ही महत्व पूर्ण योगदान है हमारे शरीर में कई प्रकार के विटामिन्स पाए जाते है।
रासायनिक रूप से यह एक कार्बनिक यौगिक होते है उस यौगिक को ही विटामिन्स कहा जाता है। इस विटामिन्स को शरीर द्वारा स्वयं से उत्पन्न नहीं किया जा सकता। इसलिए इस विटामिन्स को फलो और भोजन के द्वारा लिया  सकता है जो हमारे शरीर के संतुलन को बना करके  रख सके।
विटामिन्स आहार के माध्यम से लेना ज्यादा फायदे मंद होता है।

यह विटामिन निम्न प्रकार के पाए जाते  है


विटामिन A-(रेटिनॉल  और कैरोटेनॉयड्स )
विटामिन B1-( थियामिन )
विटामिन B2-(राइबोफ्लेविन )
विटामिन B3-(नियासिन )
विटामिन B5-(पैन्टॉएनिक )
विटामिन B6(पाइरोडोक्सिन )
विटामिन B7(बायोटिन )
विटामिन B9(फोलिक  एसिड )
विटामिन्स B12-(कॉबलमीन )

विटामिन C-(एस्कॉर्बिक  एसिड )
विटामिन D-(कैल्सिफेरोल )
विटामिन C-(एस्कॉर्बिक एसिड )
विटामिन A-(टोकोफेरोल  और टोकोट्रेनोल )
विटामिन K-(क्विनोने )


फैट-सॉल्युबल (Fat soluble) vitamin   ,वॉटर-सॉल्युबल (Water-soluble) vitamin

फैट सॉल्युबल विटामिन वो होते है जो हमारे हमारे शरीर में आसानी से संग्रहित  किये जा सकते है। यह हमारे फैटी टीसू में होते है जो हमेसा संग्रहित रहते है , जोकि काफी लम्बे समय तक बने रहते है।

वाटर सॉल्युबल विटामिन वो होते है जो हमारे शरीर में स्थाई नहीं रहते है वो हमारे शरीर से हमेसा निकलते रहते है और हमेसा बनते रहते है।

सभी विटामिन के महत्व -


विटामिन ए -  

  विटामिन ए फैट सल्युबल विटामिन है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्व पूर्ण है । इसका रासायनिक नाम रेटिनॉल है । यह ज्यादातर हमारे हड्डियों ,त्वचा , और आंखो की रोशनी के लिए ज्यादा महत्व पूर्ण है ।
इसके प्रमुख स्रोत गाजर ,पालक ,सिमला मिर्च ,पीले नारंगी फल और हरी सब्जियां है ।इसका मुख्य स्रोत मछली का तेल है ।जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है

विटामिन बी-   

 इस विटामिन को बी काम्प्लेक्स के नाम से भी जानते है ।इसमें सभी का रोल भी कुछ हद तक अलग -अलग प्रकार का होता है  ।
यह एक वाटर सल्युबल विटामिन होता है ।जिसको हम भोंजन के माध्यम से प्रतिदिन लेते है
इस विटामिन का मुख्य कार्य हमारे नसो को मजबूत रखना ,शरीर में भूख की छमता में वृद्धि करना ,स्नायु तंत्र को मजबूत करना है।
इसका मुख्य स्रोत अंगूर ,मटर का दल ,दूध , अंडा , आलू ,मेवा ,चना, गोभी ,सेम,अखरोट ,बादाम ,हरी पत्ते दार सब्जियां ,आदि है ।

विटामिन सी-   

 विटामिन सी का हमारे शरीर बहुत प्रमुख रोल है ।चोट लगने पर घाव का जल्दी भर जाना मसूड़ों में खून आने पर ,और स्कर्वी रोग के लिए बहू ही महत्व पूर्ण है।
इसका रासायनिक नाम एस्कार्बिक एसिड है ,यह मृत कोशिकाओं को पुनः जीवित करने का कार्य करता है ।
यह शरीर  के रोग प्रतिरोध छमता को बढ़ाता है।
इसके साथ यह हड्डियों , दातो ,के लिए भी महत्व पूर्ण है ,यह कैल्शियम को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है ।
स्नायु तंत्र को मजबूत बनाना ,शरीर कार्य प्रणाली को सही तरीके से कार्य करने मदत करता है
इसका मुख्य स्रोत संतरा ,नीबू ,टमाटर ,आवला ,सेव ,खट्टे ताजे फलों में प्रचूर मात्रा में पाया जाता है ।

विटामिन डी

विटामिन डी दो प्रकार के होते है।
d2  ergocalceferol
d3  colcalceferol
विटामिन डी का महत्व हड्डियों के विकास के लिए अति महत्व पूर्ण है ।ब्लड में कैल्शियम के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदत करता है ।
पूरे शारीरिक ढांचा को बनाए रखना जिसके वजह से आदमी चल फिर सके।
विटामिन  डी की कमी से हड्डियों का  कमजोर हो जाना ,चलने फिरने में दिक्कत होना ,चक्कर आना ,शरीर में झनझनाहट होना ,बच्चो में रिकेट्स की बीमारी होना ,हृदय रोग खतरा ,मांस पेशियों का कमजोर हो जाना ,ओस्टियोपोरोसिस का होना ,घुटने और कमर में दर्द होना ,नसो का सही से काम न  करना ,और प्रतिरोधक  छमत का कमजोर हो जाना इसके प्रमुख लक्षण है ।

विटामिन डी का मुख्य स्रोत दूध ,अंडा ,मख्खन ,है ।
इसका सबसे अच्छा स्रोत धूप है ,सुबह में हल्की धूप लेने से इसके कमी को पूरा किया जा सकत है


विटामिन ई -    

विटामिन इ का रासायनिक
नाम टोकोफ़ेरॉल है इसका प्रमुख रोल रेड ब्लड सेल या लाल कोशिकाओं को बनाने में मदत करना । यह विटामिन हमारे शरीर के प्रत्येक अंग को सही बनाने मदत करता है। त्वचा को झुरियो से बचाता है ,यह कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदत करता है। यह एंटीऑक्सिडेंट का भी काम करता है