विटामिन ए एक फैट सल्युबल विटामिन्स या वषा में घुलनशील होता है , इसका रासायनिक नाम रेटिनॉल है ।
विटामिन ए मुख्यतः दो प्रकार के  रेटिनॉयड और कैरिटिनॉयड। यह हमारे शरीर में कैल्शियम स्तर को सामान्य बनाये रखता है।इसके इस्तेमाल से इससे सम्बंधित होने वाली बीमारियों से बच सकते है विटामिन a हमारे लिए एक महत्व पूर्ण विटामिन्स है जो शरीर के कई चीजों के लिए जरूरी है वैसे तो बहुत सारे विटामिन्स है जिनका  शरीर पर अलग -अलग असर पड़ता है उसी तरह ये भी है वैसे भी विटामिन ए हमारे शरीर में काफी लंबे समय तक मौजूद रहता है इसका मुख्य कारण है जो वो फैट सॉल्युबल का  होना है जोकि वषा में घुलन सील है ,विटामिन ए की कमी होने जाने पर कई ऐसे लक्षण है जो हमें आसानी से दिखाई पड़ते है जिससे हम आसानी से पता लगा सकते है कि विटामिन ए की समस्या है

विटामिन ए के फायदे -

यह मसूड़ों ,हड्डियों,त्वचा, नाखून  को मजबूती प्रदान करता है इस विटामिन के नियमित इस्तेमाल से अपने शरीर को फिट रख सकते है।
विटामिन ए का सबसे ज्यादा आवश्यकता हमारे आंखो की रोशनी के लिए पड़ती है ।इस विटामिन की कमी से रतौंधी हो सकती है,जिसमे आंखो की रोशनी कम हो जाती है एवं अंधेरे में देखने में परेशानी हो सकती है ।
विटामिन ए से शरीर की प्रति रोधक क्षमता बढती है,यह हमारे लिवर ,हृदय,किडनी  को भी सुरक्षित रखता है।
बच्चो के समुचित विकास के लिए विटामिन ए की अहम भूमिका है। शाकाहारी लोगो को विटामिन ए की आवश्यकता अधिक पड़ती है।


विटामिन ए कैंसर के खतरे को कभी कम करने मदत करता है इसमें मौजूद रेटिनोइक एसिड कैंसर को कुछ हद तक रोकने में मदत करता है महिलाओं में स्तन के कैंसर ,गर्भासय और त्वचा सम्बंधित कैंसर को भी  कम करने मदत करता है

विटामिन ए त्वचा में आने वाली झुर्रियों को भी कम करता है इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते है जो शारीरिक स्वास्थ सुनिश्चित करने के साथ इससे होने वाले समस्या को रोकता है।
विटामिन ए 
विटामिन ए के प्रमुख स्रोत 

  • इसको हम ताजे फल ,हरी सब्जियां ,गाजर ,शिमला मिर्च ,टमाटर से पूरा कर सकते है । इन सभी का भोजन के माध्यम से नियमित इस्तेमाल करना चाहिए ।
  • इसके साथ साथ अंडा,मांस,मक्खन,पिले नारंगी रंग के फलो में,बींस,सरसो,पपीता में पाए जाते है। 
  • कॉर्ड लिवर आयल में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है।                                                                                                                                          

विटामिन ए की आवश्यकता 

  • जन्म से 6 महीने तक के शिशु के लिए 400 माइक्रोग्राम।
  • 1 वर्ष से 3 वर्ष तक के बच्चो के लिए 300 माइक्रोग्राम। 
  • 4 वर्ष से 8 वर्ष तक बच्चो के लिए 400 माइक्रोग्राम। 
  • 9 से 13 वर्ष तक बच्चो के लिए 600 माइक्रोग्राम।
  • 14  से 30 वर्ष के पुरुष को 900 माइक्रोग्राम और महिला के लिए 700 माइक्रोग्राम। 
विटामिन ए से होने वाली परेशानियाँ -
विटामिन ए  का आवश्यकता से अत्यधिक इस्तेमाल शरीर के लिए सही नहीं होता है इससे चक्कर आना ,मिचली आना ,बेचैनी ,आदि  महसूस हो सकता है।
अगर आप विटामिन ए का इस्तेमाल कर रहे है तो इस बात का अवश्य ध्यान दे की हमें कितनी खुराक लेनी है ताकि आपके शरीर पर इसका कोई गलत साइड इफ़ेक्ट ना पहुंचे अन्यथा डाक्टर से भी आप सलाह ले सकते है
वैसे भी कोई चीज जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए